Gorakhpur Link Expressway: उत्तर प्रदेश की तरक्की का यह प्रोजेक्ट एक और आयाम साबित होगा. यह प्रोजेक्ट उत्तर प्रदेश के पूर्वांचल क्षेत्र में यातायात और आर्थिक विकास की नई इबारत लिखने वाला है. 91.35 किमी लंबा यह 4-लेन वाला एक्सप्रेसवे गोरखपुर को अजमगढ़ और पूर्वांचल एक्सप्रेसवे से जोड़ेगा. आइए जानते हैं इसकी प्रमुख विशेषताएं. निर्माण प्रगति और लाभों के बारे में विस्तार से.

प्रोजेक्ट का विवरण और निर्माण समयसीमा
यह एक्सप्रेसवे गोरखपुर जिले के जैतपुर गांव से अजमगढ़ के सालारपुर गांव तक फैला है. कुल लंबाई 91.35 किमी है जिस पर 7,283 करोड़ रुपये की लागत आई है. निर्माण कार्य फरवरी 2020 में शुरू हुआ और मार्च 2025 में पूरा होने की उम्मीद है. यह प्रोजेक्ट 4 जिलों (गोरखपुर. संत कबीर नगर. अंबेडकर नगर. अजमगढ़) से गुजरता है.
Gorakhpur Link Expressway का रूट
निर्माण कार्य का 98% हिस्सा पूरा हो चुका है. मुख्य कैरिजवे का भू-कार्य पूरी तरह से तैयार है. 343 संरचनाओं में से 337 पूरी हो चुकी हैं. जिनमें 7 फ्लाईओवर. 27 छोटे पुल और 16 अंडरपास शामिल हैं. V-आकार के सपोर्ट कॉलम वाली तकनीक का उपयोग किया गया है जो 100 साल से अधिक टिकाऊ होगी. अपको इंफ्राटेक और दिलीप बिल्डकन कंपनियों ने निर्माण कार्य संभाला है.
आर्थिक लाभ और कनेक्टिविटी
गोरखपुर से लखनऊ की यात्रा का समय घटकर 3.5 घंटे रह जाएगा. दिल्ली-आगरा तक कनेक्टिविटी में सुधार होगा. इस प्रोजेक्ट से 5,000 से अधिक लोगों को रोजगार मिलेगा. ईंधन की खपत 15-20% तक कम होने से प्रदूषण में कमी आएगी.
भविष्य की योजनाएं और उपयोगिता केंद्र
एक्सप्रेसवे के दोनों ओर औद्योगिक कॉरिडोर विकसित किया जाएगा. गोरखपुर और अजमगढ़ में 30-30 एकड़ के यूटिलिटी सेंटर बनेंगे. जिनमें पेट्रोल पंप. होटल और रेस्टोरेंट होंगे. सौर ऊर्जा से चलने वाली लाइटिंग व्यवस्था भी की जाएगी.
कितनी आएगी लागत
इस प्रोजेक्ट पर कुल निवेश 7,283.28 करोड़ रुपये है. जिसमें भूमि अधिग्रहण का खर्च भी शामिल है. केंद्र और राज्य सरकार की संयुक्त फंडिंग से निर्माण कार्य पूरा हुआ है.